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अरुणाचल की लोक संस्कृति (अरुणाचल प्रदेश के त्यौहारों के विशेष संदर्भ में) :

अरुणाचल की लोक संस्कृति (अरुणाचल प्रदेश के त्यौहारों के विशेष संदर्भ में) मदालसा मणि त्रिपाठीशोधार्थी, हिंदी विभाग,राजीव गाँधी विश्वविद्यालयदोइमुख, ईटानगर भारत के पूर्व  एवं पूर्वोत्तर, प्राकृतिक बुनावट के कारण उसका  न केवल अभिन्न भाग है बल्कि भारत की समृद्धि में उसकी भूमिका बहुआयामी है । उत्तरपूर्व की भाषाओं की विविधता ही नहीं, बल्कि लोक संस्कृतियों …

भारतीय लोक साहित्य में पर्यावरण: विकास कुमार गुप्ता

भारतीय लोक साहित्य में पर्यावरण विकास कुमार गुप्ता होजाई, असम पिन-782435 Vikashg891@gmail.com 9854716533 आदि काल से ही नहीं बल्कि युगो-युगो से है और यह एक दूसरे के पूरक हैं । इन दोनों का संबंध सदियों से स्थापित है और दिनों दिन यह और भी विस्तार होते जा रहे हैं । इसमें कोई संदेह नहीं है …

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