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तेजेन्द्र शर्मा की कहानी खिड़की के अंदर-बाहर झांकती वृद्ध मनोस्थिति

वर्तमान कहानी परिदृश्य में तेजेन्द्र शर्मा की कहानियां जिंदगी के उतार-चढ़ावों को बहुत ही बारीकी से चित्रित करती हैं। आज की आप धापी में युवा वर्ग अपने आप मे बहुत ही ज्यादा व्यस्त हो गया है।आज के युवा को बुज़ुर्गएक बोझ सा लगने लगे हैं। युवा पीढ़ी एकल परिवारमें विश्वास करने लगी है और बुजुर्ग अपनी आप को उपेक्षित महसूस करने लगे हैं।

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