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हिन्दी कविता की परम्परा में ग़ज़ल

गजल हिंदी की बेहद लोकप्रिय विधा है. यह जब उर्दू से हिंदी में आई तो इसने अपना अलग लहजा अख्तियार किया. उर्दू का यह प्रेम काव्य हिंदी में जन समस्याओं से जुड़ गया.

मुल्क की शान (गज़ल)-अनुज पांडेय

मुल्क की शान (गज़ल)                वे महफूज़ आवाम की जान रखते हैं              ख़ुद मिटकर मुल्क की शान रखते हैं।               छोड़के आशियाना,आकर सरहद पर             मां की खिदमत का अरमान रखते हैं।              आएंगे कभी लौटकर, मिलने इक बार            दोस्तों, परिजनों से वे जुबान रखते हैं।              ख़ुदगरजी को …

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