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तरक़्कीपसंद तहरीक और फ़ैज़ अहमद  फ़ैज़-अनिरुद्ध कुमार यादव

तरक्क़ी पसंद तहरीक की स्थापना के साथ साहित्य समेत सभी क्षेत्रों में बदलाव के चिह्न दिखलाई पड़ते है।ये चिह्न कौन से थे इनकी पड़ताल की गई है साथ ही इन बिंदुओं पर फैज़ कितने खरे उतरते हैं इसको भी रेखांकित किया गया है। न सिर्फ उर्दू गजल गो बल्कि हिन्दी कवि में यह परिवर्तन कैसे आ रहा था और इनमें क्या समानता थी इसको भी उदाहरण सहित उदघाटित किया गया है।

प्रेमचंद के उपन्यास साहित्य में चित्रित पत्रकारिता संदर्भ  :डा. पवनेश ठकुराठी

प्रेमचंद के उपन्यास साहित्य में चित्रित पत्रकारिता संदर्भ                                  -डा. पवनेश ठकुराठी,अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) – 263601ई. मेल- pawant2015@gmail.comवेबसाइट- www.drpawanesh.com शोध सार           प्रेमचंद के उपन्यासों की पत्रकारिता विभिन्न समाचार पत्रों–पत्रिकाओं के संपादन एवं उनमें प्रकाशित होने वाले समाचार नोटिस आदि को व्यक्त करती है। इनके उपन्यासों में व्यक्त पत्रकारिता से पता चलता है कि आजादी से पूर्व …

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