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jankriti

अनुवादक के रूप में निर्मल वर्मा का मूल्यांकन-रज्जन प्रसाद शुक्ला

निर्मल वर्मा ऐसे कथाकार रहे है, जिन्होंने अपने लेखन को देश-विदेश के संदर्भ, इतिहास, पुराणों के साक्ष्यों एवं सत्यों से गुफ़ित करने का प्रयत्न किया है। उन्होंने देश-विदेश के लेखकों की रचनाओं का साक्ष्य भी पर्याप्त मात्रा में लिया है। विशेषकर उन विदेशी लेखकों को उन्होंने जगह-जगह रेखांकित किया है, जिन्होंने इतिहास बोध के गहरे धरातल पर जाकर अपने वर्तमान को आने वाली पीढ़ियों के लिए रोशनी की तरह निर्मित किया है।

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