JANKRITI
जनकृति
Research · Literature · Culture · Society
A platform for original research, literary exploration, critical dialogue and emerging ideas across disciplines.




जनकृति • JANKRITI
मानविकी, समाजशास्त्र, साहित्य, लोक-संस्कृति, इतिहास, शिक्षा एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मौलिक अनुसंधान, गंभीर वैचारिक चिंतन तथा समीक्षात्मक विमर्श को समर्पित वैश्विक अकादमिक मंच।
🏛️ पत्रिका मुख्य द्वार | Journal Portal
पत्रिका, प्रकाशन, संपादकीय व्यवस्था और शोध पत्र प्रेषण से संबंधित प्रमुख अनुभाग।
📚 नवीनतम शोध आलेख एवं विमर्श | Recent Articles
जनकृति में प्रकाशित शोध आलेख, समीक्षात्मक लेखन और साहित्यिक संवाद। आलेखों के विवरण को संबंधित अंक से सत्यापित करके अद्यतन करें।
हिंदी के समकालीन स्त्री कथा साहित्य में क्वीर विमर्श
समकालीन हिंदी कथा साहित्य में हाशिए के विमर्शों, लैंगिक तरलता और समलैंगिक अस्मिता का समाजशास्त्रीय व साहित्यिक विश्लेषण।
रीतिकालीन दरबारी काव्य की जेंडरवादी आलोचना
दरबारी संस्कृति, आश्रयदाताओं की मनोवृत्ति और स्त्री के देह-केंद्रित चित्रण का समकालीन नारीवादी दृष्टिकोण से पुनर्पाठ।
AI-Integrated Education and Teaching Effectiveness
Investigation into the pedagogical role of multimodal artificial intelligence in higher education classrooms and academic integrity.
समकालीन कथा-साहित्य की अग्रणी हस्ताक्षर चित्रा मुद्गल जी से बातचीत
लेखिका चित्रा मुद्गल के साथ मजदूर विमर्श, ‘आवां’ उपन्यास और वर्तमान साहित्यिक सरोकारों पर संवाद।
ICT Resources for Teaching-Learning Process
Analysis of ICT infrastructure, digital repository utilization, and instructional enhancement in university systems.
जनकृति अंक 130–132: त्रैमासिक संयुक्त अंक
साहित्य, संस्कृति, कला और समाजशास्त्र के विभिन्न पहलुओं पर शोध आलेखों का संकलन।
🌐 जनकृति का परिचय | About Jankriti
जनकृति का उद्देश्य एवं अकादमिक दृष्टिकोण
‘जनकृति’ एक अंतरानुशासनिक, विशेषज्ञ-समीक्षित, द्विभाषी अंतरराष्ट्रीय मासिक शोध पत्रिका है। यह विद्वानों, शोधार्थियों और अध्ययनकर्ताओं के मध्य ज्ञान एवं विचार-विनिमय के लिए अकादमिक मंच प्रदान करने का प्रयास करती है। पत्रिका साहित्य, संस्कृति, मानविकी और सामाजिक विज्ञान सहित विविध क्षेत्रों में मौलिक शोध तथा गंभीर वैचारिक विमर्श को प्रोत्साहित करती है।
हमारा उद्देश्य बहु-अनुशासनिक अध्ययन की परंपरा को प्रोत्साहित करना तथा हिंदी और अंग्रेजी में गुणवत्तापूर्ण शोध लेखन के लिए मंच उपलब्ध कराना है। लेखकों को आलेख भेजने से पहले पत्रिका की वर्तमान प्रकाशन नीति, समीक्षा प्रक्रिया और नैतिकता संबंधी दिशानिर्देशों को पढ़ना चाहिए।
| अंतरराष्ट्रीय मानक क्रमांक (ISSN) | 2454-2725 | प्रकाशन आवृत्ति | मासिक (Monthly) |
| समीक्षा पद्धति | विशेषज्ञ-समीक्षित (Peer-Reviewed) | भाषा | हिंदी एवं अंग्रेजी |
| स्थापना वर्ष | मार्च 2015 | प्रधान संपादक | डॉ. कुमार गौरव मिश्रा |
| संपादकीय संस्थान | वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा, बिहार | DOI प्लेटफॉर्म | Zenodo DOI (जहाँ आवंटित) |
| प्रमुख विषय | साहित्य, संस्कृति, कला, मानविकी, भाषाविज्ञान, शिक्षा, समाज एवं सूचना-संचार प्रौद्योगिकी | ||
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जनकृति • JANKRITI | ISSN: 2454-2725